छत्तीसगढ़सारंगढ

छिंद आशा ग्राम संगठन के महिलाओं द्वारा निर्मित मोमबत्तियों से दिवाली होगा रोशन।

छिंद आशा ग्राम संगठन के महिलाओं द्वारा निर्मित मोमबत्तियों से दिवाली होगा रोशन।

सारंगढ़ : यूं तो कोविड-19 ने बहुतेरे जख्म दिए हैं पर आत्मनिर्भरता को भी बल मिला है। जी हां, जनपद के स्वयं सहायता समूह की मोमबत्तियां इस दीवाली को रोशन करेंगी। इससे जहां स्वदेशी सामान को बढ़ावा मिलेगा, वहीं चाइना सहित विदेशी सामानों का बायकाट भी होगा। कोविड-19 के चलते देश में लगे लाकडाउन में स्वयं सहायता समूहों ने काफी अच्छे काम किए हैं। इसी का नतीजा है कि दीवाली से पूर्व छिंद के आशा ग्राम संगठन के महिलाओ ने मोमबत्तियों का निर्माण किया है। अब यह मोमबत्ती बाजार में छाने को तैयार है।मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एनआरएलएम यानि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य है ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना। समूह के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बनें व देशी सामान को तैयार कर बाजार तक लाएं। इससे जहां महिलाएं स्वयं आत्मनिर्भर होंगी वहीं विदेशी सामानों को बाहर किए जाने का रास्ता भी बनेगा।वही समूहों द्वारा बनाये गए म मोमबत्तियों की बिक्री सर्वप्रथम जनपद मुख्यालय परिसर में शुक्रवार को आयोजित सरस बिहान मेला में स्टाल लगाकर किया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *