कोरबाछत्तीसगढ़

कोरबा महिला एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने किया पीड़ित महिला से अभद्र व्यवहार, कलेक्टर से शिकायत।

महिला एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने किया पीड़ित महिला से अभद्र व्यवहार, कलेक्टर से शिकायत (कोरबा पत्रकार की रिपोर्ट)

कोरबा: महिला एवं बाल कल्याण समिति कोरबा के कुछ सदस्यों द्वारा दबाव एवं अभद्रतापूर्ण व्यवहार किये जाने की शिकायत कलेक्टर से की गई है। दीपिका राठौर आत्मजा संदेश पटेल उम्र 33 वर्ष निवासी अमरईया पारा कोरबा ने अपने पति पवन राठौर के विरूद्ध मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताडि़त करने के संबंध विभिन्न विभाग में रिपोर्ट/ शिकायत दर्ज कराई है। इसी की जांच के दौरान कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

कलेक्टर से की गई बिंदुवार शिकायत निम्नानुसार है:- यह कि महिला एवं बाल कल्याण समिति ने मुझे एवं मेरे बच्चे का बयान के लिये बुलाया गया था। पर वहाँ समिति के कुछ सदस्यो द्वारा अशोभनीय बर्ताव एवं दबाव डाला गया कि तुम वापस अपने पति के पास चली जाओ। यह कि महिला एवं बाल कल्याण समिति द्वारा पहले से बुलाकर जिसमें पवन राठौर उसके बड़े भाई नेरश राठौर दो अन्य लोग और एक वकिल वहाँ पर पहले से मौजूद थे। मैं जैसे ही उनके कार्यालय में मै और मेरा बच्चा पहुंचे, मेरी साथी वह भी महिला जो मेरी हर घटना की गवाह है अंदर प्रवेश करते ही समिति के सदस्य दीपमाला के द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। जबकि पवन राठौर के बड़े भाई अन्दर में बैठ के क्या कर रहे थे। उन्हे तथा वकिल को बाहर क्यों नहीं भेजा गया। तत्पश्चात् सभी पवन की तरफ से ही बात करने लगे। समिति के कुछ सदस्यों का व्यवहार देखकर सुनकर हैरान हो गई।

यह कि मुझे अगले दिन बयान लेने के लिये बुलाया गया पर वहाँ भी फिर से पवन राठौर मौजूद था। मुझे देखकर समिति के सदस्य दीपमाला के द्वारा मेरी साथी के बारे मे टिप्पणी की। मैने विरोध किया तो वह भड़क गई और उल्टा सीधा एवं अभद्रता से व्यवहार करने लगी और कहने लगी कि तेरे जैसा हजारों देखे है और हजार आते है और हजार जाते है। उसके बाद समिति के अन्य सदस्य दीपमाला, बीता चक्रवती, पवन सिंह, मुझ पर हावी होकर दबाव बनाने लगे, भद्दी टिप्पणी करने लगे। जिससे मै बहुत आहत हुई हैं, दुखी हुई मैने रोते हुए कहा कि यह सच्चाई नहीं है यहां पैसा बोलता है। कही ना कहीं भ्रष्टाचार की बू आ रही है। यह कि में बहुत ही मानसिक रूप से प्रताडि़त हूँ और वहां मुझे प्रताडि़त किया जा रहा है, एवं समिति के सदस्य द्वारा जलील किया गया। मैं मानसिक रूप से आत्महत्या के बारे से सोच ली थी। यह कि महिला एवं बाल कल्याण समिति द्वारा मुझे और मेरे बच्चे का बयान के लिये बुलाया गया था, मेरी जानकारी के बगैर वहाँ पहले से ही पवन राठौर, नरेश राठौर और वकिल एवं अन्य लोगों को बुलाया गया, यह गैर जिम्मेदाराना हरकत है, समिति की जवाबदेही है। जिस पर मुझे घोर आपत्ति है। यह कि महिला एवं बाल कल्याण द्वारा महिलाओं के उत्पीडऩ रोकथाम एवं सहायता के लिये जाना जाता है, लेकिन समिति के कुछ सदस्यों द्वारा मुझे उत्पीडि़त करना एवं दबाव डालना, यह मेरे लिए बहुत ही दुःख दाई है।

यह कि महोदय से निवेदन है कि मै और मेरे बच्चे को सुरक्षित एवं शांति से जीने दिया जाये तथा जब तक न्यायालय का फैसला नही आता तब तक दोनों शांति एवं सहमत रहे। यह कि महिला एवं बालकल्याण समिति के कुछ सदस्यों द्वारा मुझपे गलत व्यवहार करना दबाव बनाना, भद्दी टिप्पणी करना, गेरजिम्मेदाराना है। यह पद का गलत उपयोग करना है एवं इन सब पर जिसमें दीपमाला, बीता चक्रवती, पवन सिंह पर कठोर कार्यवाही किया जावे। ताकि किसी महिला के उपर दबाव ना बना सकें, तथा मेरे साथ जितने भी लोग मेरा साथ दे रहे है भविष्य मे कभी भी जितने भी लोग है उन सब की सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाए। शिकायत की प्रतिलिपि क्रमश: राष्ट्रीय महिला आयोग दिल्ली, केन्द्रिय सामाजिक कल्याण बोर्ड, पुलिस अधीक्षक कोरबा और चाईल्ड लाईन कोरबा में भी दी गई है।

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