

०० प्लांट का ताला खुलवाने प्लांट के कर्मचारियों को कलेक्टर कार्यालय ले जाकर दबाव बनाने की है आशंका
०० प्लांट बंद होने से क्षेत्र का वातावरण है साफ़, किसान-ग्रामीण सहित क्षेत्रवासियों में है हर्ष व्याप्त
०० कालिंद्री प्लांट प्रबंधन पंचायत चुनाव में अपने पक्ष के लोगो को सरपंच चुनाव लड़ाकर करता है राजनीति?
बिलासपुर| कालिन्द्री इस्पात प्लांट पर उद्योग निति के विरुद्ध कार्य करने पर प्रशासन ने ताला जड़ दिया जिसके बाद से क्षेत्र का वातावरण स्वच्छ एवं साफ़ हो गया है, पेड़-पौधे व खेत-खलिहान प्रदुषण मुक्त हो चुके है जिसके कारण किसानो-ग्रामीणों सहित क्षेत्रवासियों में हर्ष व्याप्त है जबकि प्लांट प्रबंधन प्लांट का ताला खुलवाने तरह-तरह के प्रपंच रचने में लगा हुआ है| प्रबंधन द्वारा प्लांट के कर्मचारियों को कलेक्टर कार्यालय लेकर जाने की तैयारी कर रहा है ताकी मजदूरो व कर्मचारियों को प्लांट बंद होने से रोजगार की समस्या होने का हवाला देकर प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके जबकि उद्योग नीति के तहत प्लांट बंद होने या शटडाउन होने की स्थिति में प्लांट प्रबंधन द्वारा मजदूरो व कर्मचारियों को तीन महीने का वेतन सहित अन्य भत्ता देकर भरपाई करने का प्रावधान है मगर प्लांट प्रबंधन लगातर अपने दायित्वों से किनारा कर तरह तरह के प्रपंच लगाने में लगा हुआ है|
मस्तूरी तहसील के मानिकचौरी में स्थित कालिन्द्री इस्पात के प्रदूषण से आसपास के 18 से 20 गाँव के ग्रामवासियों के लोगो का जीवन नारकीय गो गया था, जहर उगलते कालिन्द्री इस्पात प्लांट के डस्ट से आसपास के नदी नाले बुरी तरह से प्रदूषित हो चुके हैं, उन्हें निस्तारी के लिए उपयोग करना तो दूर की बात इंसान और जानवरों को तरह-तरह की बीमारी हो रही हैं| क्षेत्र का पर्यावरण इस कदर दूषित हो गया कि किसान के खेतों में हरे भरे अनाज के पैदावार होने के बजाए जहरीले डस्ट के परत खेतो में प्रतिवर्ष जम जाते हैं, जिससे किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं सांथ ही सीएसआर मद की राशि से प्रभावित ग्राम पंचायत के विकास होने चाहिए उसे भी प्रबंधन द्वारा डकार दिया जाता हैं, सांथ ही भारी वाहनों के चलने से सड़क बर्बाद हो रहे हैं| कालिन्द्री इस्पात प्लांट के जीएम अरविंद सिंह के व्यवहार से कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश हैं, ये व्यक्ति स्थानीय लोगो से गंदे तरीके से व्यवहार करता हैं, एक तरीके से ये बोला जा सकता हैं, ये व्यक्ति प्लांट प्रबंधन का दलाली करने के एवज में मोटी रकम कमाने के लिए ही बाहर से आया हैं। कालिन्द्री इस्पात प्लांट को उद्योग नीति का पालन नहीं करने के चलते प्रशासन ने तालाबंदी कर दिया है, प्रबंधन द्वारा तालाबंदी को खोलने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे है जिसके तहत प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों को प्लांट बंद होने से बेरोजगार होने का झांसा देकर व बरगलाकर प्लांट का विरोध करने वाले सरपंचो के निवासो का घेराव व विरोध कराया जा रहा है| सूत्रों की माने तो जय महाकाल कर्मचारी यूनियन के तथाकथित अध्यक्ष द्वारा प्लांट में कार्यरत स्थानीय लोगो को प्लांट बंद होने पर रोजगार के लिए सरपंचो के पास जाने कहा जा रहा है ताकि कर्मचारीयो के घेराव से सरपंचो पर दबाव बनाया जा सके| ग्राम पंचायत गोबरी-हरदी सरपंच इंजिनियर दीपक बंजारे ने बताया कि प्लांट के कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत कोकड़ी के सरपंच नेतराम के निवास का कर्मचारियों ने घेराव कर दिया था जिसके बाद सरपंचो ने कर्मचारियों से चर्चा की जिसमे यह बात खुलकर सामने आई कि यूनियन के तथाकथित नेताओ के बहकावे में आकर सरपंचो का घेराव किया गया है| सरपंचो ने कर्मचारियों से चर्चा कर कि प्लांट प्रबंधन उद्योग नीतियों का पालन नहीं कर रही थी प्लांट प्रबंधन उद्योग निति का माखौल उड़ाकर प्लांट के कर्मचारियों का ही शोषण कर रहे है, 10-12 वर्षो से कार्यरत कर्मचारियों का पीएफ नहीं काटा जा रहा है, आवास-मेडिकल सहित कई जरुरी सुविधाए कर्मचारियो को नहीं दिया जा रहा है जिसके बाद कर्मचारी शांत हुए|
पंचायत चुनाव में भी प्लांट प्रबंधन करता है राजनीति :- कालिंद्री प्लांट प्रबंधन पंचायत चुनाव में भी जमकर राजनीति करता है, सूत्रों की माने तो प्लांट प्रबंधन द्वारा क्षेत्र के पंचायतो में प्लांट प्रबंधन के पक्ष के लोगो को पंचायत का चुनाव लडवाकर धन-बल के दम पर जीतने का भरपूर प्रयास करता है ताकि पंचायत में उनकी दखल बनी रही तथा किसी भी तरह का प्लांट के खिलाफ विरोध ना हो सके इसी तर्ज पर इस बार भी प्लांट प्रबंधन ने राजनीति में अपनी दखल रखी लेकिन पंचायत चुनाव में परिणाम प्रबंधन के अनुकूल नहीं रहा जिसके बाद से लगातार क्षेत्र के सरपंचो ने प्लांट के प्रदुषण व उद्योग नीति का पालन नहीं करने पर प्लांट का जमकर विरोध किया फलस्वरूप प्लांट में ताला बंदी हो गई|
