
नोटिस परिवादिनी सुनीता पांडेय (बुलंद छत्तीसगढ़ के संपादक मनोज पाण्डेय की पत्नी) द्वारा दायर परिवाद पत्र पर सुनवाई हुई
रायपुर। राजधानी रायपुर के चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (POCSO) ने एक अहम मामले में छह आरोपियों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस परिवादिनी सुनीता पांडेय (बुलंद छत्तीसगढ़ के संपादक मनोज पाण्डेय की पत्नी) द्वारा दायर परिवाद पत्र पर सुनवाई करते हुए जारी किया गया है।
मामले में अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा के माध्यम से परिवाद प्रस्तुत किया गया, जिसमें आरोपी के रूप में शंकर ध्रुव (ASI माना थाना), मुकेश सोरी (क्राइम ब्रांच रायपुर), सबूरी शंकर (ट्रांसजेंडर, क्राइम ब्रांच), मुनीर रज़ा (क्राइम ब्रांच), नीलम कुजूर (DD नगर थाना) और मुकेश बांधे (कांस्टेबल, DD नगर थाना) को शामिल किया गया है।
परिवाद में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई गंभीर धाराएं—324, 332, 333, 294, 115(2), 127(2), 331(2), 135, 75(1)(w), 76, 79—लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा POCSO एक्ट की धारा 12 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत भी संज्ञान लेने का निवेदन किया गया है।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223(1) के तहत किसी भी मामले में संज्ञान लेने से पहले आरोपियों को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। इसी प्रावधान के तहत अदालत ने सभी छह आरोपियों को परिवाद पत्र एवं दस्तावेजों की प्रति के साथ नोटिस जारी करते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है।
इस मामले में अगली सुनवाई 14 मई 2026 को निर्धारित की गई है, जहां आरोपियों को संज्ञान से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गिरीश कुमार मंडावी द्वारा 2 मई 2026 को जारी किया गया।
