कोरबाछत्तीसगढ़

पसान थाना प्रभारी ने पत्रकार की शिकायत पर एफआईआर लिखने की जगह थाने से उसे भगाया।

वन विभाग द्वारा रेत का अवैध कारोबार करने वाली ट्राली को जब्त किया उसकी रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार से रेत कारोबारी ने की मारपीट ।


कोरबा/पसान:- अपराध के ग्राफ में जिले के समस्त थाना- चौंकी की पीछे छोड़ चले पसान थाना के पुलिस अधिकारी- कर्मचारी वर्दी की छवि को धूमिल करने में कोई कोर- कसर नही छोड़ रहे है। इसके बावजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे है। स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ चुकी है कि अवैध रेत के कारोबार करने वाले स्थानीय माफियाओं का अड्डा पसान थाना बनता जा रहा है?

तलवारबाजी को साधारण मारपीट, लूट जैसी गंभीर वारदात को महज चोरी की घटना बताने में माहिर पसान थाना प्रभारी सहित मातहम अधिकारी- कर्मचारी आईपीसी, सीआरपीसी के धाराओं के साथ मानो खेल रहे है? जिससे फरियादी व आम जनता काफी त्रस्त हो चुके है ऐसे में अपराधी प्रवृत्ति के लोग व अवैध धंधा के कारोबारी चांदी काट रहे है।

आज हुए एक मारपीट की घटना पर गौर करें तो पसान निवासी पत्रकार रितेश गुप्ता द्वारा स्थानीय स्तर पर हो रहे अवैध रेत खनन एवं परिवहन से संबंधित खबरों का लगातार प्रकाशन किया जाता रहा है। जिसे संज्ञान में लेकर पसान वन विभाग द्वारा आज रेत से भरे एक ट्रेक्टर को जब्त कर वन विभाग परिसर में ले जाकर खड़ा किया गया। जिसके कार्यवाही से संबंधित जानकारी देने के लिए पत्रकार रितेश को वन अधिकारियों द्वारा पसान परिक्षेत्र कार्यालय बुलाया गया। जहां जानकारी लेने जब उक्त पत्रकार रेंज कार्यालय पहुँचा तब ट्रेक्टर जब्ती से बौखलाए रेत माफिया यूसुफ खान द्वारा रितेश पर डंडे से जानलेवा हमला कर दिया गया। जिससे उसको गंभीर चोटें आई। पत्रकार रितेश ने घटना की सूचना अपने भाइयों को दी, जिन्होंने मौके पे पहुँचकर जख्मी पत्रकार को सीधे पसान थाने लेकर पहुँचे, जहां उपस्थित थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रहलाद राठौर को घटनाक्रम से अवगत कराया गया, किंतु थाना प्रभारी राठौर पीड़ित पक्ष की आपबीती सुनने पश्चात एकाएक भड़क गए और जख्मी पत्रकार को जमकर अश्लील गाली- गलौच करते हुए धारा 384 में अंदर कर देने की बात कहते हुए उन्हें थाने से भगा दिया। दूसरी ओर थाना प्रभारी द्वारा आरोपी पक्ष की ओर से पीड़ित पक्ष के खिलाफ सुनियोजित तरीके से कानूनी कार्यवाही किये जाने की बातें सामने आ रही है?हैरत की बात है कि पीड़ित को चमका- धमकाकर थाने से भगाने के बाद थाना प्रभारी द्वारा आरोपी को पक्षकार का दर्जा प्रदान किया जा रहा है?

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