छत्तीसगढ़बिलासपुर

भोंदू दास और नवल शर्मा की तरह एक और ने भी सरकारी जमीन मोपका में कांग्रेस नेता को बेच दी?

भोंदू दास, नवल शर्मा जैसे कई है बिलासपुर में जो शासकीय जमीन बेच रहे है …..बिलासपुर में सरकारी जमीन का बंदरबाट रुकने का नाम ही नही ले रहा है।

Rti एक्टविस्ट (पत्रकार) महफूज खान ने बताया बहुत जल्द सरकार और जनता के बीच इस मामले को लाएंगे क्योकि इसबार कांग्रेस नेता ने जमीन खरीदी है और क्या कार्यवाही होगी ये देखना होगा।

बिलासपुर-: भोंदू दास,नवल शर्मा ने जिस तरह सरकार की जमीन को बेचा उसी तरह का एक और मामला सामने आने वाला है ये शासकीय जमीन मोपका की है जोकि लगभग 8 एकड़ है ये बात आरटीआई एक्टविस्ट (पत्रकार) महफूज खान ने बताया कि बिलासपुर इस समय प्रदेश में शासकीय जमीन के बंदरबांट में सबसे ऊपर है और ये भी सच है कि ये खेल वर्षो पुराना है लेकिन आज 5 वर्षो से इसकी कलई खुलने लगी है जबसे देश मे आरटीआई लागू हुआ है देश मे भ्र्ष्टाचार के मामले ज्यादा उजागर हुए है , बिलासपुर में भी शासकीय जमीन का खेल आज का नही है ये वर्षो से चला आ रहा है भोंदू दास, नवल शर्मा जैसे और कई हैं जो शासकीय जमीन का खेल खेल रहे है या खेल चुके है लेकिन अब इन सब की कलई खुलने लगी है।

भोंदू दास मामले के मास्टर माइंड पर पुलिस ने कार्यवाही तो की वही नवल शर्मा भूमाफिया पर 2016 से एफआईआर है लेकिन उसे पुलिस क्यो गिरफ्तार नही कर रही है ये समझ से परे है जबकि दोनों प्रकरण में शासकीय जमीन का ही खेल हुआ है अब एक और मामला बहुत जल्द सामने आने वाला है दस्तावेजों के साथ लेकिन उस पर पुलिस या राजस्व विभाग क्या कार्यवाही करेगा यही देखना है क्योंकि एक तरफ पुलिस जिसे राजस्व विभाग के सहयोग की जरूत पड़ेगी और राजस्व विभाग उसमे कितना सहयोग करेगा ये देखने वाली बात है क्योंकि इस जमीन के खेल में बिना राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों के मिलीभगत से सम्भव नही है और राजस्व विभाग इन पर कार्यवाही करने के मूड में नही रहता ऐसा हम इसलिए कह रहे है कि नवल शर्मा ,भोंदू दास मामले में।पुलिस ने राजस्व से दस्तावेजो की सत्यता के लिए की खत लिखे लेकिन राजस्व विभाग इसमे कितना गम्भीर है इस बात से लगाया जा सकता है कि एक मामला में 2016 से पुलिस राजस्व विभाग के समस्त आला अधिकारियों को खत लिख रहा है कि नवल शर्मा के दस्तावेजो की सत्यता बताएं वही भोंदू दास मामले में भी यही हाल है जिसका फायदा आज दोनों को मिल रहा है भोंदू दास मामले के मास्टर माइंड जमानत पर बाहर आ चुके है जो दस्तावेजो के साथ खेल कर सकते है वही दूसरी तरफ नवल शर्मा है जो 2016 से खुले आम घूम रहा है न जाने कितने दस्तावेजो के साथ खिलवाड़ कर दिया होगा।

मोपका क्षेत्र की लगभग 8 एकड़ शासकीय जमीन फिर बेच दी गई-;

अब तीसरा मामले भी मोपका क्षेत्र का ही है जो शासकीय जमीन बताई जा रही है वो लगभग 8 एकड़ है जिसकी कीमत करोड़ो पर है लेकिन इस मामले में पुलिस और राजस्व विभाग कितना गम्भीर होगा ये देखने वाली बात रहेगी क्योकि नुकसान इनका नही सरकार का है और उस पर पिछली शिकायतों पर कितने गम्भीर रहे हर किसी से छुपा नही है क्योकि आरोपी बाहर है और सरकार की जमीन वापस कब आएगी उसका कोई रास्ता दिखाई नही दे रहा है ।

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