Uncategorizedछत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

चाम्पा थाना प्रभारी को सब कुछ पता लेकिन कार्यवाही के नाम सिर्फ लीपापोती।

पुलिस प्रशासन प्रेट्रोलिंग करने निष्क्रियता से मौन और खुलेआम चल रहा है सट्टा पट्टी मदिरा पीने वालो का खेल?

चांपा पुलिस की निष्क्रियता से जनता है परेशान

जवाबदेही पुलिस प्रशासन जनता के फोन को उठाना भी नहीं समझते हैं जरूरी

(विशेष संवाददाता की रिपोर्ट चाम्पा)

जिला जांजगीर चांपा-: वैसे तो क्षेत्र के नगर में कई ऐसे जगह हैं जहां खुलेआम सट्टा पट्टी चल रहा है और आसपास के इलाके में असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है खास बात यह है कोसा कासा कंचन की नगरी में कई वर्षों से संचालित पुलिस थाना चाम्पा नगर वासियों का देख रेख सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाने का भार सौंपा गया है समय-समय पर पुलिस पेट्रोलिंग चांपा नगरवासियों के लिए एक सुरक्षा प्रदान करती है लेकिन चांपा पुलिस की निष्क्रियता इतनी बढ गई है की पेट्रोलिंग करना भी जरूरी नहीं समझते हैं ऐसे में यह सवाल उठ रही है की क्या चांपा थाना पूरी तरह से अपनी जवाबदारीओं से भाग रहा है।

सूत्रों से पता चला है कि पुलिस वाले रेलवे स्टेशन के आसपास गरीब फल दुकान वालो को हर रोज परेशान करते है ठीक इसी तरह बरपाली चौक भोजपुर , नया बस स्टेशन ,से लगे कुछ गरीब दुकानदारों को हफ्ता वसूलने का बात सामने आ रही है ऐसे में प्रशासन पर कई सवाल जनता के मन में खड़े होने लगी है की पुलिस हमारे सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है और कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए किया गया है लेकिन वही पुलिस वाले गरीबों से यदि अवैध वसूली करें तो जनता सुरक्षित कैसे रह पाएगी इस पर उच्चाधिकारी मौन क्यों है यह सवाल जनता के मन में बार-बार उठ रही है खास बात यह है की चांपा में स्थित भालेराय मैदान में असामाजिक तत्वों का शाम ढलते ही खुले आसमान के नीचे मदिरा और गाजा पीने वालों का अड्डा बन गया है, आपको बता देते हैं ऐसे कई जगहों पर जैसे कि परशुराम चौक में स्थित राम बाधा तालाब के पास शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का शराब पीने का मयखाना बन जाता है वैसे ही सट्टा पार्टियों का अड्डा परशुराम चौक से लेकर रेलवे स्टेशन ,देवांगन मोहल्ला, हतावरा चौक, ऐसे ही बहुत से अन्य जगहों पर सट्टा पट्टीयो हर रोज खेल खेला जा रहा है नगर की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन अपने कर्तव्य भूल कर चैन के साथ कुंभकरण की गहरी नींद में सो रही है कहने का तात्पर्य यहा है कि कुंभकरण की गहरी नींद से आखिर पुलिस प्रशासन को जगाआएगा कौन ? नगर में असामाजिक तत्वों का डेरा धीरे धीरे दिमक की तरह दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है जिससे चोरी जैसे अंजाम को देखने से पीछे नहीं हट रहे हैं चांपा नगर के ऐसे भी कुछ मोहल्ले हैं जिसमें पुलिस अब तक पेट्रोलिंग से करने से अनजान बनकर मौन बैठी है अब यह देखना है की उच्चाधिकारियों द्वारा थाना प्रभारी पर क्या कार्रवाई करती है या इसी तरह थाना को मनमर्जी करने देती है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.