
छत्तीसगढ़ में 40-घंटे की मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन
न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता शामिल हुए
बिलासपुर, 22 अगस्त 2025/ न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के लिए 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2025 तक आयोजित 40 घंटे के मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन समारोह छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभा कक्ष में आयोजित किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 18 अगस्त को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक, श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के कर कमलों द्वारा किया गया था।
मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक, श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के कुशल नेतृत्व में हुआ। समापन सत्र के दौरान, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान संवाद, सहानुभूति और आपसी सम्मान से संभव है। उन्होंने कहा कि यह न्याय को अधिक सुलभ, मानवीय और प्रभावी बनाती है। माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ मध्यस्थता प्रशिक्षकगणों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी प्रतिबद्धता और विशेषज्ञता की सराहना की, जिसने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक अविस्मरणीय और शिक्षाप्रद अनुभव बनाया। अंत में, उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की मध्यस्थता केंद्रों की निगरानी समिति और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को इस सफल 40 घंटे के मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी।=
