छत्तीसगढ़बिलासपुर

ग़रीबी ले के जो हुए पैदा तो कैसा हक़ है जीने कातुम्हे बे वक़्त ही मरना पड़ेगा यही जीने की क़ीमत है,जनाब! :- महेश दुबे (टाटा महराज)

छोटे व्यापार करने वाले जाये कहा,रिवर व्यू से भी उन्हें खदेड़ा जा रहा?
सदर बाजार में लगने वाला संडे मार्केट को शासन ने ही रिवर व्यू शिफ्ट किया था।

ग़रीबी ले के जो हुए पैदा तो कैसा हक़ है जीने का
तुम्हे बे वक़्त ही मरना पड़ेगा यही जीने की क़ीमत है,जनाब! (समाजसेवी महेश दुबे की फेसबुक वाल से)

बिलासपुर :- वर्षों से सदर बाजार में लगने वाला संडे मार्केट सुगम यातायात व्यवस्था के नाम पर हटाकर प्रशासन द्वारा ही रिवर व्यू पर उक्त मार्केट को लगाने की अनुमति महज दो माह में ही बदल दी गई अब कारोबारी को कहा जा रहा है कि नदी की रेत पर अपना व्यवसाय करें ना कि रिवर व्यू पर जब रिवर व्यू से इन्हें हटाना ही था तो उन्हें उक्त जगह पर बसाया क्यों गया!
क्या उक्त सभी करवाई स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ध्यान में लाकर की जा रही है या प्रशासनिक लाल फीता शाही के मनमानी का परिणाम, सैकड़ो गरीब फुटकर कारोबारी परिवार के जीवन यापन में बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है!
प्रशासन द्वारा जिस तरीके से फुटकर व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार किया पकड़ पकड़ कर गाड़ियों में बैठाला उनके सामानों को बेदर्दी से इधर-उधर किया गया जैसे वे फुटकर व्यापारी ना होकर आतंकवादी या बड़े अपराधी हैं ठीक इसी प्रकार सदर बाजार गोल बाजार में अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के साथ भी दुर्व्यवहार कर उनके सामानों को उठाकर ले जाया गया जो अति निंदनीय है,क्या फुटपाथ पर व्यवसाय करने के नाम पर प्रशासनिक गुंडागर्दी की खुली छूट दी जा सकती है यदि कोई व्यक्ति अवैध कब्जा कर व्यवसाय कर रहा है तो उसके सामान की जब्ती हो और इसका पंचनामा बने जिसकी एक सूची निगम प्रशासन के पास एवं दूसरी सूची व्यापारी के पास होनी चाहिए जिसे बाद में उसके सामान की वापसी विधिवत हो सके आज तक प्रशासन द्वारा कहीं भी कोई भी जब्ती की कार्रवाई न कर मनमानी और बेदर्दी से सामान को उठा लिया जाता है जिसके वापसी की तनिक भी गुंजाइश नहीं होती!
शहर के सभी व्यापारी संघों को इन छोटे मध्यवर्गी फुटकर व्यापारियों के समर्थन में सामने आना चाहिए इस विचार मंथन के साथ की जब रिवर व्यू में जगह दी गई फिर वहां से हटाया जाना 2 माह के अंदर क्या उचित है कहीं भी कोई भी कार्यवाही विधि संगत हो जब्ती की सूची बनाकर व्यापारी को दिया जाए और व्यापार करने वाला छोटा या बड़ा या मध्य वर्ग का हो उसे व्यापारी समझा जाए चोर उचक्का बदमाश नहीं संडे बाजार में स्थानी छोटे फुटकर व्यवसाय करने लोगों को प्राथमिकता दी जाए पीड़ित व्यापारियों को भी चाहिए कि वह अपने-अपने क्षेत्र के पार्षद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपनी बात रखें और स्वाभिमान से व्यापार कर सके उसके लिए उनका सहयोग मांगे!
“दुर्बल को न सताइये,जाकी मोटी हाय,मरी खाल की सांस से,लोह भसम हो जाय,” संत कबीर के संदेश
शक्ति शाली व्यक्ति को अपनी शक्ति का घमंड नहीं करना चाहिए। यदि हम अपने शक्ति के अहंकार में चूर होकर किसी मजबूर इंसान को दुखी करेंगे तो उसकी बद्दुआ से हमारे समस्त कुल का नाश हो सकता है!!

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