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रेडक्रॉस की सेवाएं अब कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर दिखेंगी असरदार

रेडक्रॉस की सेवाएं अब कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर दिखेंगी असरदार

सीएसआर-डीएमएफ से आईसीयू वेंटिलेटर एंबुलेंस, मोबाइल ब्लड यूनिट जल्द; एंबुलेंस शुल्क सार्वजनिक, क्यूआर से कैशलेस भुगतान

सूरजपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा राहत और मानवीय सहायता को नई मजबूती देने की दिशा में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक ने बड़ा संदेश दिया-अब रेडक्रॉस की गतिविधियां सिर्फ योजनाएं नहीं, बल्कि पारदर्शी, चरणबद्ध और जमीनी हकीकत बनेंगी।बैठक जिला चेयरमैन बाबूलाल अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिला कलेक्टर एस. जयवर्धन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन रेडक्रॉस की सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग देगा और लिए गए फैसलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक के निर्णयों से यह साफ है कि रेडक्रॉस पारदर्शिता, आधुनिक संसाधनों और गरीब-हितैषी सोच के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवा और आपदा राहत की मजबूत जीवनरेखा बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है।

स्कूल-कॉलेजों में फर्स्ट-एड क्रांति: जूनियर-यूथ रेडक्रॉस का गठन, हर बच्चा बनेगा लाइफसेवर

बैठक के दरम्यान रेडक्रास सोसायटी से युवाओं को जोड़ने के लिए चर्चा हुई। जिसमें जिले के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों में यूथ रेडक्रॉस का गठन, पंजीकरण और सदस्यता अभियान तेज होगा। इसी तरह, प्राइमरी से हाईस्कूल तक जूनियर रेडक्रॉस यूनिट्स बनेंगी। फर्स्ट-एड बॉक्स हर स्कूल-कॉलेज में, हेल्पलाइन नंबर दीवारों पर चिपकेंगे। दुर्घटना हो या इमरजेंसी छात्र-शिक्षक तुरंत मदद पा सकेंगे। साथ ही, बृहद स्तर पर सीपीआर प्रशिक्षण से हजारों युवा बनेंगे ट्रेंड लाइफसेवर्स ।

सीएसआर-डीएमएफ से हाईटेक हेल्थ बूस्ट: वेंटिलेटर एंबुलेंस-ब्लड बैंक व्हीकल रोड पर

अदानी, एसईसीएल (विश्रामपुर-भटगांव), प्रकाश इंडस्ट्रीज जैसे औद्योगिक घरानों की सीएसआर फंडिंग और डीएमएफ (जिला खनिज निधि) के सहयोग से नवीन लाइफ-सपोर्ट आईसीयू (वेंटिलेटर) एंबुलेंस, 21-सीटर बड़ी एंबुलेंस और 2-सीटर मोबाइल ब्लड कलेक्शन यूनिट जल्द सड़कों पर दिखाई पड़ेगी। इससे दूरदराज इलाकों के गंभीर मरीजों को त्वरित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया होंगी साथ ही विश्रामपुर उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए शव वाहन की मांग पर समिति में जल्द ही मुहैया कराने की भी चर्चा हुई।

आपदा में रेडक्रॉस की फायरफाइटिंग रोल: बाढ़-ओलावृष्टि में त्वरित राहत प्लान

बाढ़, भारी बारिश, ओलावृष्टि या जलजमा-हर आपदा में रेडक्रॉस अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराएं इसके लिए बैठक में राहत सामग्री, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस और वॉलंटियर्स की फटाफट तैनाती के लिए कार्ययोजना पर चर्चा संपन्न हुई। साथ ही जिला अस्पताल में अब नवीन वर्ष जनवरी 2026 से रात की ड्यूटी पर आपातकालीन में एक डॉक्टर की जगह दो चिकित्सकों की मौजूदगी से मरीजों को सीधे लाभ मिलेगा।

एंबुलेंस सेवा में पारदर्शिता, गरीबों को निशुल्क सुविधा

रेडक्रॉस और जीवन दीप समिति की सभी एंबुलेंसों पर शुल्क सूची चिपकाई जाएगी और सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध होगी। क्यूआर कोड से कैशलेस भुगतान शुरू होगा। जरूरतमंद गरीब मरीजों को रेडक्रॉस की सिफारिश पर मुफ्त सेवा मिलेगी। रजिस्ट्री, मेडिकल लाइसेंस और सभी संस्थाओं के अनुमतियों के शुल्क में रेडक्रॉस सहायता शुल्क जोड़कर फंडिंग मजबूत की जाएगी।

जनवरी-फरवरी में मेगा हेल्थ कैंप, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की होगी फुल टीम

जिला मुख्यालय में तीन दिवसीय आवासीय मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन होगा। जनवरी अंत या फरवरी शुरू में राष्ट्रीय-प्रांतीय स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सकों और पूर्ण मेडिकल टीम के साथ फ्री जांच, ऑपरेशन व दवा का वितरण होगा।

सदस्यता अभियान से मजबूत नेटवर्क, ऑफिस स्टाफ की मंजूरी

मौजूदा 925 आजीवन सदस्यों को 1500 बनाने का लक्ष्य। प्रबंध समिति के 30 सदस्यों को प्रति व्यक्ति 20-20 नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य दिया गया। रेडक्रॉस कार्यालय के सुव्यवस्थित संचालन के लिए कार्यालय सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्यून-कुल तीन कर्मचारियों की मांग पर सहमति बनी। सभी सरकारी स्कूल-महाविद्यालयों के रेडक्रॉस फंड की शेष राशि, आय-व्यय विवरण मंगाकर कार्यालय में संधारित किया जाएगा। सभी एंबुलेंस-शव वाहनों का अपूर्ण पंजीकरण शीघ्र पूरा होगा। वार्षिक बजट, आय-व्यय और पूर्ण ऑडिट पर चर्चा के बाद फैसले लिए गए। इस प्रबंध समिति की कार्यकारणी बैठक में वाईस चेयरमैन ओंकार पांडेय, कोषाध्यक्ष श्रवण जैन, अजय अग्रवाल (अज्जू), प्रवेश गोयल, बलराम शर्मा, राजीव प्रताप सिंह, राहुल अग्रवाल (टिंकू), शैलेश अग्रवाल, मुकेश गर्ग, नितेश गुप्ता, आदर्श तिवारी, विजयराज अग्रवाल, पवन गर्ग, मनोज अग्रवाल, नीरज तायल, गौरव अग्रवाल के अलावा प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, अग्निशमन और मलेरिया विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। रेडक्रॉस अब जिले की स्वास्थ्य और राहत व्यवस्था की मजबूत कड़ी बनेगा।

बजट-ऑडिट पर सख्त नजर, वाहनों का पेंडिंग रजिस्ट्रेशन होगा क्लियर

इसके साथ ही बैठक में वार्षिक बजट, आय-व्यय और ऑडिट पर गहन चर्चा हुई और सभी फैसले पारित हुए। इसके साथ ही सभी रेडक्रॉस एंबुलेंस-शव वाहनों का अपूर्ण रजिस्ट्रेशन तुरंत पूरा किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ सदस्यता बढ़ाकर वॉलंटियर नेटवर्क सशक्त होने से सेवाओं का दायरा भी दोगुना होगा। कुल मिलाकर, रेडक्रॉस अब जिले की लाइफलाइन-गरीबों की उम्मीद, आपदा की ढाल बनेगा!

बैठक में इनकी भी रही उपस्थिति

संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा, सहायक अध्यापक डॉ. रश्मि पांडेय, सहायक जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र सिंहदेव, प्रभारी फायर स्टेशन विकाश शुक्ला, रेडक्रॉस जिला संगठक एवं मलेरिया प्रभारी संदीप गुप्ता, मलेरिया सुपरवाइजर सी. के. माहेश्वरी, लेखपाल एवं शाखा प्रभारी लक्ष्णधारी सिंह, आजीवन सदस्य संस्कार अग्रवाल, कार्यालय सहायक श्री साहू, रंजन सोनी सहित प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, अग्निशमन और मलेरिया विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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