
प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़ के प्रेरणादायी उद्बोधन ने भरा नई ऊर्जा का संचार
पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व, संवैधानिक मूल्यों, लोकतंत्र, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर हुआ व्यापक मंथन; पत्रकारों एवं समाजसेवियों का सम्मान, पुस्तक विमोचन और जनजागरूकता के संकल्प के साथ अधिवेशन बना प्रेरणा का केंद्र
बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
मूकनायक के तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन-2026 का छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजन संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे मूकनायक परिवार के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश प्रतिनिधियों, संपादकों, ब्यूरो प्रमुखों, स्वतंत्र पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। अधिवेशन का मूल उद्देश्य पत्रकारिता को जनहित, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
अधिवेशन के दौरान मूकनायक के प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़ का प्रेरणादायी उद्बोधन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उनके मार्गदर्शन ने पत्रकारिता की वास्तविक भूमिका, सामाजिक सरोकारों, जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने, वंचित एवं कमजोर वर्गों की आवाज बुलंद करने तथा लोकतंत्र की मजबूती में निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित किया। उनके उद्बोधन ने उपस्थित पत्रकार साथियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने, सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने और पत्रकारिता की गरिमा को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी।
////डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को नमन कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ////
राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रथम चरण में भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण, मोमबत्ती प्रज्वलन एवं संविधान के प्रस्तावना का सामूहिक पाठ के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संविधान, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
मूकनायक छत्तीसगढ़ परिवार की ओर से मंचासीन अतिथियों एवं देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के इस चरण का संचालन मूकनायक छत्तीसगढ़ प्रभारी कमलेश लव्हाते ने किया।एसईसीआर मजदूर कांग्रेस के जोनल प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया, जबकि छत्तीसगढ़ संपादक गौतम बाल बोंदरे ने समस्त राष्ट्रीय मूकनायक परिवार का अभिनंदन करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।
////लोकतंत्र, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर सार्थक विचार-विमर्श///
अधिवेशन में लोकतंत्र एवं शिक्षा के महत्व पर प्रफुल्ल गेडाम ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए जागरूक समाज के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित किया। इस सत्र का संचालन गौतम बाल बोंदरे ने किया।
पुलिस विभाग के अधिकारी रामगोपाल करियारे ने सुचारु यातायात व्यवस्था, नागरिक अनुशासन और जनजागरूकता के प्रसार में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार साझा किए। वहीं जनसंपर्क विभाग के धनंजय राठौर ने समाचारों की विश्वसनीयता, तथ्यपरक जानकारी और पत्रकारों के सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डाला।
डॉ. मयंक मेश्राम ने रक्तदान महादान अभियान में पत्रकारों की भूमिका के विषय पर विचार रखे। इस विमर्श ने पत्रकारिता को केवल समाचार प्रसारण तक सीमित न रखते हुए मानवीय संवेदनाओं, जनसेवा और सामाजिक अभियानों से जोड़ने की आवश्यकता को सामने रखा।
तुषार गायकवाड़ का उद्बोधन बना। अधिवेशन की प्रेरक धुरी
अधिवेशन का महत्वपूर्ण आकर्षण मूकनायक के प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़ का प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने पत्रकारिता के व्यापक सामाजिक उद्देश्य, जनहित के मुद्दों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं अधिकारों की आवाज पहुंचाने के महत्व पर मार्गदर्शन किया।
उनके उद्बोधन का मूल संदेश रहा कि पत्रकारिता का वास्तविक मूल्य केवल खबर प्रकाशित करने में नहीं, बल्कि सच्चाई को सामने लाने, जनसमस्याओं को जिम्मेदारी से उठाने, समाज में जागरूकता पैदा करने और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा तैयार करने में निहित है। पत्रकारों को निष्पक्षता, विश्वसनीयता, संवेदनशीलता और संवैधानिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने पत्रकारिता को सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाने तथा नई पीढ़ी के पत्रकारों को जिम्मेदार, अध्ययनशील और जनोन्मुखी पत्रकारिता के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके संबोधन ने उपस्थित पत्रकारों में संगठनात्मक एकता, सामाजिक प्रतिबद्धता और जनहित के प्रति समर्पण की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।
इस प्रेरणादायी सत्र का संचालन छत्तीसगढ़ संपादक गौतम बाल बोंदरे ने किया।
मूकनायक तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन में शिक्षाविद्, लेखिका एवं प्राचार्य डॉ. स्वाति जाजू की हिंदी पुस्तक ‘शांति शिक्षा’ और अंग्रेजी पुस्तक ‘Peace Education’ का गरिमापूर्ण विमोचन किया गया।
पुस्तक विमोचन से साहित्य और वैचारिक चेतना को प्रोत्साहन
राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान डॉ. स्वाती जाजू द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया गया। इस आयोजन ने पत्रकारिता के साथ साहित्य, ज्ञान, वैचारिक संवाद और सामाजिक चेतना के महत्व को भी रेखांकित किया। पुस्तक विमोचन जैसे आयोजन समाज में अध्ययन, विचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
///उत्कृष्ट कार्यों के लिए पत्रकारों, समाजसेवियों और संस्थाओं का सम्मान///
अधिवेशन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य, सामाजिक योगदान, शिक्षा, स्वास्थ्य, नेतृत्व, महिला सशक्तीकरण, धम्म चेतना और सामाजिक जागरूकता के लिए व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने समाजहित में निरंतर कार्य करने वाले लोगों के योगदान को पहचान देने और दूसरों को प्रेरित करने का संदेश दिया।
सम्मान सूची में धर्मेंद्र टैबुरणेकर को उद्योग अवार्ड; श्री रामानंद तिवारी को उत्कृष्ट कार्य; श्रीमती सुनीम सिंह को उत्कृष्ट सामाजिक कार्य; जनाब सलीम अंसारी को राज्यस्तरीय शिक्षा एवं स्वास्थ्य; बसंत बौद्ध को उत्कृष्ट सामाजिक योगदान; नवीन कुमार को कुशल नेतृत्व; श्रीमती अनामिका पाटिल को नारी शक्ति प्रेरणा अवार्ड तथा सारंग हुमने को उत्कृष्ट सामाजिक कार्य के लिए सम्मानित किए जाने का उल्लेख रहा।
इसी क्रम में आयु. उज्ज्वला रंगारी को योग समर्पण प्रेरणा अवार्ड, मनोज बौद्ध को सामाजिक उत्कृष्ट योगदान, प्रभात पासवान को कुशल नेतृत्व, सूर्यभान वाल्के को विपश्यना समर्पण प्रेरणा अवार्ड, श्रीमती रीता राजगीर को उत्कृष्ट सामाजिक कार्य तथा श्रीमती मनीषा खोबरागड़े को नारी शक्ति प्रेरणा अवार्ड प्रदान किए जाने की सूची में नाम शामिल रहे।
आंबेडकर युवा मंच को सावित्रीबाई फुले अवार्ड, नरेंद्र रामटेके को बाबा साहेब आंबेडकर सम्मान, हरीश वाहने को धम्म रत्न अवार्ड, कु. हीना खान को फातिमा शेख अवार्ड तथा श्री अब्दुल इबाहिम खान को सामाजिक उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किए जाने का उल्लेख किया गया।
महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति को संघर्ष एवं समर्पण से संबंधित सम्मान, श्रीमती सलमा बेगमनी को सामाजिक उत्कृष्ट कार्य, डॉ. शिल्या कौशिक मोदी को सम्मान सूची में स्थान तथा पंचशील बौद्ध विहार टिकरापारा, करुणा बौद्ध विहार नयापारा, आनंद बौद्ध विहार यदुनंदन नगर, सम्यक बौद्ध विहार तालापारा और नागार्जुन बौद्ध विहार मगरपारा को धम्म चेतना अवार्ड के लिए सूचीबद्ध किया गया।
इसके अतिरिक्त दिलीप स्वाइन, तनु कुर्रे (BJMC/MGMC), प्रेशराय तथा वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद शेख आजम का सम्मान प्रधान संपादक तुषार विनायक गायकवाड के द्वारा किया गया
जिसका संचालन मनोज बौद्ध ने किया।
देशभर से पहुंचे पत्रकारों ने मजबूत की राष्ट्रीय एकता
मूकनायक के इस राष्ट्रीय आयोजन में हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से पत्रकार साथियों एवं प्रतिनिधियों की सहभागिता तृतीय अधिवेशन की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई।
राष्ट्रीय स्तर पर एमडी एवं राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा, प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात तथा अन्य राज्यों के संपादकों, उपसंपादकों, स्वतंत्र पत्रकारों एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी ने अधिवेशन को व्यापक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
राष्ट्रीय प्रतिनिधियों में अश्विनी कुमार, ताजीराम कश्यप, जगदीश कश्यप, धर्मपाल कश्यप, किशन वाल्मीकि, राजेश कुमार, संगीता, प्रेम नारायण, पूरणमल बौद्ध, महेंद्र दहाटे, सत्यशील गोंडाने, हाजी शोएब खान, अंकित सरकार, आकाश घरडे, सुधाकर मेश्राम, सरला मेश्राम, प्रदीप काले, रामचरण, रामलाल यादव, मदन लाल सिंघाड़िया, विजय राम आजाद, दुर्गेंद्र सम्राट, डॉ. रमेश पुरिया, सुनील दास, हरिचरण बौद्ध, श्याम लाल, जगदीश चंद्र सिंगल, लाखन सिंह, मुकेश बारके, कैलाश रामटेक, अखिलेश डोंगरे, प्रदीप मंडाले, संजय बौद्ध, सुरेश गणवीर, प्रदीप मेश्राम, विजय डोंगरे, सचिन ठाकरे, मीना, राजकुमार, हुकम सिंह, किशोर गजभिए, दीपक जाटव, ममता जाटव, विश्वनाथ पलसपगार, किशोर फूल माली, सुरेश पाटिल, विजय मेसूरिया, राम लखन साहनी, गणेश भाटिया, फूल सिंह वसा, इंद्रसेन गौतम, सूर्य यादव, अनिकेत निषाद, सत्यपाल सिंह, ऋषि राज, शशि कर्दम, कौशल किशोर, प्रीति, राजवीर सिंह, नेहा पहाड़िया, वीरू धनौलिया, जितेंद्र पाल सिंह, अरुण घायवान, सत्यशिला घायवान, सतीश मौर्य, लक्ष्मण प्रसाद, पवन बंसीवाल, चंद्रशेखर मौर्य, चंद्र प्रकाश शेरू, चंद्रशेखर आजाद, संजय दिनकर, रतन लाल, रहमतुनिशा, संजय अंबेडकर, जगदीश मेश्राम, राज कुमार वर्मा, सुरेश बौद्ध, अमित कुमार, संजय सोलंकी, दिलीप कुमार शिंदे, विक्रम बामनिया, संतोष गुणवान, विष्णु शिंदे, शिव शंकर यादव, ठाकुरदास भारती, अजय वर्मा, पंकज भाटिया, मनोज बुलाण, सुरेंद्र कुमार, मनीष निकोंसे, पंकज डोंगरे, अनामिका मेश्राम, शेख जफर अली, उम्मेद सिंह बैरवाण, अरविंद कुमार यादव, आशीष कुमार सहित अनेक पत्रकारों ने अधिवेशन में शामिल होकर यह साबित कर दिया कि यह अधिवेशन को सफल बनाने की जवाबदारी सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं यह हमारी भी है उनकी उपस्थिति या इस बात को प्रमाणित की है।
छत्तीसगढ़ की ओर से प्रभारी कमलेश लव्हाते,संपादक गौतम बाल बोंदरे, मार्केटिंग प्रमुख अजय वाहने, रायपुर संभाग प्रभारी स्वराज मेश्राम, बिलासपुर संभाग प्रभारी सुरेश सिंह बैस, बिलासपुर ब्यूरो चीफ जयंत मेश्राम सहित मनीषा खोबरागड़े, बसंत कुमार प्रधान, जहूर खान, दिलीप मेश्राम, सुरेश गणपत सांखरे, युसूफ हुसैन, पी. आनंद राव, रमेश कुमार देव, नागेश राव खोबरागड़े, लक्ष्मी नारायण कुंभकार, केशव कुमार, दुष्यंत सांखरे, हसन अली, लक्ष्मीकांत प्रसाद, महिपाल टंडन, मनोज बौद्ध, मोहम्मद दाऊद खान, मुस्सविर अहमद सिद्दीकी, समीर कुरेशी, संतोष कुमार भारती, श्रीमती सत्यवती, शैल कुमार बंजारे, शीतल रामटेक, तनवीर शादाब, वंदना भांगे, दिलीप मैश्राम,अजय कुमार अनंत,, अलीम अंसारी और मयंक मेश्राम सहित अन्य सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

///मूकनायक छत्तीसगढ़ परिवार की भूमिका रही महत्वपूर्ण///
अधिवेशन की सफलता में मूकनायक छत्तीसगढ़ परिवार की संगठनात्मक सहभागिता, अतिथियों के स्वागत, कार्यक्रम के संचालन और विभिन्न सत्रों के समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के प्रतिनिधियों के बीच संवाद ने संगठनात्मक सहयोग और साझा सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, शिक्षा के प्रसार, रक्तदान, यातायात जागरूकता, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया गया।
///समाज परिवर्तन के संकल्प के साथ संपन्न हुआ राष्ट्रीय अधिवेशन///
मूकनायक का तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन केवल एक औपचारिक सम्मेलन नहीं, बल्कि पत्रकारिता के सामाजिक दायित्वों को नए सिरे से समझने, विभिन्न राज्यों के पत्रकारों को एक साझा मंच पर जोड़ने और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर बना।
प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़ के प्रेरणादायी उद्बोधन, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के प्रति सम्मान, संवैधानिक मूल्यों पर विमर्श, पुस्तक विमोचन और विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के सम्मान ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
इस राष्ट्रीय अधिवेशन से यह संदेश उभरकर सामने आया कि सशक्त पत्रकारिता वही है, जो सत्य के साथ खड़ी हो, संविधान के मूल्यों का सम्मान करे, वंचितों की आवाज बने और समाज को जागरूक, शिक्षित एवं संवेदनशील बनाने में अपना योगदान दे।
मूकनायक छत्तीसगढ़ परिवार ने देशभर से आए सभी पत्रकार साथियों, अतिथियों, वक्ताओं, सम्मानित व्यक्तियों, सामाजिक संगठनों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनहित, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक चेतना और जिम्मेदार पत्रकारिता के उद्देश्य से निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।


